गलातियों 1:11-24

गलातियों 1:11-24 पवित्र बाइबल (HERV)

हे भाईयों, मैं तुम्हें जताना चाहता हूँ कि वह सुसमाचार जिसका उपदेश तुम्हें मैंने दिया है, कोई मनुष्य से प्राप्त सुसमाचार नहीं है क्योंकि न तो मैंने इसे किसी मनुष्य से पाया है और न ही किसी मनुष्य ने इसकी शिक्षा मुझे दी है। बल्कि दैवी संदेश के रूप में यह यीशु मसीह द्वारा मेरे सामने प्रकट हुआ है। यहूदी धर्म में मैं पहले कैसे जीया करता था, उसे तुम सुन चुके हो, और तुम यह भी जानते हो कि मैंने परमेश्वर की कलीसिया पर कितना अत्याचार किया है और उसे मिटा डालने का प्रयास तक किया है। यहूदी धर्म के पालने में मैं अपने युग के समकालीन यहूदियों से आगे था क्योंकि मेरे पूर्वजों से जो परम्पराएँ मुझे मिली थीं, उनमें मेरी उत्साहपूर्ण आस्था थी। किन्तु परमेश्वर ने तो मेरे जन्म से पहले ही मुझे चुन लिया था और अपने अनुग्रह में मुझे बुला लिया था। ताकि वह मुझे अपने पुत्र का ज्ञान करा दे जिससे मैं ग़ैर यहूदियों के बीच उसके सुसमाचार का प्रचार करूँ। उस समय तत्काल मैंने किसी मनुष्य से कोई राय नहीं ली। और न ही मैं उन लोगों के पास यरूशलेम गया जो मुझसे पहले प्रेरित बने थे। बल्कि मैं अरब को गया और फिर वहाँ से दमिश्क लौट आया। फिर तीन साल के बाद पतरस से मिलने के लिए मैं यरूशलेम पहुँचा और उसके साथ एक पखवाड़े ठहरा। किन्तु वहाँ मैं प्रभु के भाई याकूब को छोड़ कर किसी भी दूसरे प्रेरित से नहीं मिला। मैं परमेश्वर के सामने शपथपूर्वक कहता हूँ कि जो कुछ मैं लिख रहा हूँ उसमें झूठ नहीं है। उसके बाद मैं सीरिया और किलिकिया के प्रदेशों में गया। किन्तु यहूदिया के मसीह को मानने वाले कलीसिया व्यक्तिगत रूप से मुझे नहीं जानते थे। किन्तु वे लोगों को कहते सुनते थे, “वही व्यक्ति जो पहले हमें सताया करता था, उसी विश्वास, यानी उसी मत का प्रचार कर रहा है, जिसे उसने कभी नष्ट करने का प्रयास किया था।” मेरे कारण उन्होंने परमेश्वर की स्तुति की।

गलातियों 1:11-24 पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI) (HINCLBSI)

भाइयो और बहिनो! मैं आप लोगों को विश्‍वास दिलाता हूँ कि मैंने जो शुभ समाचार सुनाया, वह मनुष्‍य-रचित नहीं है। मैंने किसी मनुष्‍य के हाथ से उसे न तो ग्रहण किया और न सीखा, बल्‍कि स्‍वयं येशु मसीह ने उसे मुझ पर प्रकट किया। आप लोगों ने सुना होगा कि जब मैं यहूदी धर्म-विधि का अनुयायी था, तो मेरा आचरण कैसा था। मैं परमेश्‍वर की कलीसिया पर घोर अत्‍याचार करता और उसको नष्‍ट करने का प्रयत्‍न करता था। मैं अपने पूर्वजों की परम्‍पराओं का पालन अत्‍यंत धर्मोत्‍साह से करता था और यहूदी धर्म-विधि के पालन में अपने समय के बहुत-से हम-उम्र यहूदियों से बहुत आगे था। किन्‍तु परमेश्‍वर ने मुझे माता के गर्भ से ही अपने कार्य के लिए अलग कर लिया था और उसने अपने अनुग्रह से मुझे बुलाया; उसने मुझ पर—और मेरे द्वारा— अपने पुत्र को प्रकट करने का निश्‍चय किया, जिससे मैं गैर-यहूदियों में उसके पुत्र के शुभ समाचार का प्रचार करूँ। इसके बाद मैंने किसी निरे मनुष्‍य से परामर्श नहीं किया और जो मुझ से पहले प्रेरित थे, उनसे मिलने के लिए मैं यरूशलेम नहीं गया; बल्‍कि मैं तुरन्‍त अरब देश गया और बाद में दमिश्‍क नगर लौटा। मैं तीन वर्ष बाद कैफा से जानकारी प्राप्‍त करने यरूशलेम गया और उनके साथ पन्‍द्रह दिन रहा। प्रभु के भाई याकूब को छोड़ कर मेरी भेंट अन्‍य प्रेरितों में से किसी से नहीं हुई। परमेश्‍वर मेरा साक्षी है कि मैंने आप को जो लिखा है उसमें कुछ भी झूठ नहीं है। इसके बाद मैं सीरिया और किलिकिया प्रदेश गया। उस समय यहूदा प्रदेश की कलीसियाएँ, जो मसीह में हैं, मुझे व्यक्‍तिगत रूप से नहीं जानती थीं। उन्‍होंने इतना ही सुना था कि जो व्यक्‍ति हम पर अत्‍याचार करता था, वह अब उस विश्‍वास का शुभ समाचार सुना रहा है, जिसको वह नष्‍ट करने का प्रयत्‍न करता था और वे मेरे विषय में परमेश्‍वर की स्‍तुति करती थीं।

गलातियों 1:11-24 Hindi Holy Bible (HHBD)

हे भाइयो, मैं तुम्हें जताए देता हूं, कि जो सुसमाचार मैं ने सुनाया है, वह मनुष्य का सा नहीं। क्योंकि वह मुझे मनुष्य की ओर से नहीं पहुंचा, और न मुझे सिखाया गया, पर यीशु मसीह के प्रकाश से मिला। यहूदी मत में जो पहिले मेरा चाल चलन था, तुम सुन चुके हो; कि मैं परमेश्वर की कलीसिया को बहुत ही सताता और नाश करता था। और अपने बहुत से जाति वालों से जो मेरी अवस्था के थे यहूदी मत में बढ़ता जाता था और अपने बाप दादों के व्यवहारों में बहुत ही उत्तेजित था। परन्तु परमेश्वर की, जिस ने मेरी माता के गर्भ ही से मुझे ठहराया और अपने अनुग्रह से बुला लिया, जब इच्छा हुई, कि मुझ में अपने पुत्र को प्रगट करे कि मैं अन्यजातियों में उसका सुसमाचार सुनाऊं; तो न मैं ने मांस और लोहू से सलाह ली; और न यरूशलेम को उन के पास गया जो मुझ से पहिले प्रेरित थे, पर तुरन्त अरब को चला गया: और फिर वहां से दमिश्क को लौट आया॥ फिर तीन बरस के बाद मैं कैफा से भेंट करने के लिये यरूशलेम को गया, और उसके पास पन्द्रह दिन तक रहा। परन्तु प्रभु के भाई याकूब को छोड़ और प्रेरितों में से किसी से न मिला। जो बातें मैं तुम्हें लिखता हूं, देखो परमेश्वर को उपस्थित जानकर कहता हूं, कि वे झूठी नहीं। इस के बाद मैं सूरिया और किलिकिया के देशों में आया। परन्तु यहूदिया की कलीसियाओं ने जो मसीह में थी, मेरा मुँह तो कभी नहीं देखा था। परन्तु यही सुना करती थीं, कि जो हमें पहिले सताता था, वह अब उसी धर्म का सुसमाचार सुनाता है, जिसे पहिले नाश करता था। और मेरे विषय में परमेश्वर की महिमा करती थीं॥

गलातियों 1:11-24 पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI) (HINOVBSI)

हे भाइयो, मैं तुम्हें बताए देता हूँ कि जो सुसमाचार मैं ने सुनाया है, वह मनुष्य का नहीं। क्योंकि वह मुझे मनुष्य की ओर से नहीं पहुँचा, और न मुझे सिखाया गया, पर यीशु मसीह के प्रकाशन से मिला। यहूदी मत में जो पहले मेरा चाल–चलन था उसके विषय तुम सुन चुके हो कि मैं परमेश्‍वर की कलीसिया को बहुत ही सताता और नष्‍ट करता था। अपने बहुत से जातिवालों से जो मेरी अवस्था के थे, यहूदी मत में अधिक बढ़ता जाता था और अपने बापदादों की परम्पराओं के लिये बहुत ही उत्साही था। परन्तु परमेश्‍वर की, जिसने मेरी माता के गर्भ ही से मुझे ठहराया और अपने अनुग्रह से बुला लिया, जब इच्छा हुई कि मुझ में अपने पुत्र को प्रगट करे कि मैं अन्यजातियों में उसका सुसमाचार सुनाऊँ, तो न मैं ने मांस और लहू से सलाह ली, और न यरूशलेम को उनके पास गया जो मुझ से पहले प्रेरित थे, पर तुरन्त अरब को चला गया और फिर वहाँ से दमिश्क को लौट आया। फिर तीन वर्ष के बाद मैं कैफा से भेंट करने के लिये यरूशलेम गया, और उसके पास पंद्रह दिन तक रहा। परन्तु प्रभु के भाई याकूब को छोड़ और प्रेरितों में से किसी से न मिला। जो बातें मैं तुम्हें लिखता हूँ, देखो, परमेश्‍वर को उपस्थित जानकर कहता हूँ कि वे झूठी नहीं। इसके बाद मैं सीरिया और किलिकिया के प्रान्तों में आया। पर यहूदिया की कलीसियाओं ने जो मसीह में थीं, मेरा मुँह कभी नहीं देखा था; परन्तु यही सुना करती थीं कि जो हमें पहले सताता था, वह अब उसी विश्‍वास का सुसमाचार सुनाता है जिसे पहले नष्‍ट करता था। और वे मेरे विषय में परमेश्‍वर की महिमा करती थीं।

गलातियों 1:11-24 इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019 (IRVHIN)

हे भाइयों, मैं तुम्हें जताए देता हूँ, कि जो सुसमाचार मैंने सुनाया है, वह मनुष्य का नहीं। क्योंकि वह मुझे मनुष्य की ओर से नहीं पहुँचा, और न मुझे सिखाया गया, पर यीशु मसीह के प्रकाशन से मिला। यहूदी मत में जो पहले मेरा चाल-चलन था, तुम सुन चुके हो; कि मैं परमेश्वर की कलीसिया को बहुत ही सताता और नाश करता था। और मैं यहूदी धर्म में अपने साथी यहूदियों से अधिक आगे बढ़ रहा था और अपने पूर्वजों की परम्पराओं में बहुत ही उत्तेजित था। परन्तु परमेश्वर की जब इच्छा हुई, उसने मेरी माता के गर्भ ही से मुझे ठहराया और अपने अनुग्रह से बुला लिया, (यशा. 49:1,5, यिर्म. 1:5) कि मुझ में अपने पुत्र को प्रगट करे कि मैं अन्यजातियों में उसका सुसमाचार सुनाऊँ; तो न मैंने माँस और लहू से सलाह ली; और न यरूशलेम को उनके पास गया जो मुझसे पहले प्रेरित थे, पर तुरन्त अरब को चला गया और फिर वहाँ से दमिश्क को लौट आया। फिर तीन वर्षों के बाद मैं कैफा से भेंट करने के लिये यरूशलेम को गया, और उसके पास पन्द्रह दिन तक रहा। परन्तु प्रभु के भाई याकूब को छोड़ और प्रेरितों में से किसी से न मिला। जो बातें मैं तुम्हें लिखता हूँ, परमेश्वर को उपस्थित जानकर कहता हूँ, कि वे झूठी नहीं। इसके बाद मैं सीरिया और किलिकिया के देशों में आया। परन्तु यहूदिया की कलीसियाओं ने जो मसीह में थीं, मेरा मुँह तो कभी नहीं देखा था। परन्तु यही सुना करती थीं, कि जो हमें पहले सताता था, वह अब उसी विश्वास का सुसमाचार सुनाता है, जिसे पहले नाश करता था। और मेरे विषय में परमेश्वर की महिमा करती थीं।

गलातियों 1:11-24 सरल हिन्दी बाइबल (HSS)

प्रिय भाई बहनो, मैं तुम पर यह स्पष्ट कर रहा हूं कि जो ईश्वरीय सुसमाचार मैंने तुम्हें सुनाया, वह किसी मनुष्य के दिमाग की उपज नहीं है. यह मुझे न तो किसी मनुष्य से और न ही किसी शिक्षा से, परंतु स्वयं मसीह येशु के प्रकाशन के द्वारा प्राप्‍त हुआ है. यहूदी मत के शिष्य के रूप में मेरी जीवनशैली कैसी थी, इसके विषय में तुम सुन चुके हो. मैं किस रीति से परमेश्वर की कलीसिया पर घोर अत्याचार किया करता था तथा उसे नाश करने के लिए प्रयास करता रहता था. यहूदी मत में अपने पूर्वजों की परंपराओं के प्रति अत्यंत उत्साही, मैं अपनी आयु के यहूदियों से अधिक उन्‍नत होता जा रहा था. किंतु परमेश्वर को, जिन्होंने माता के गर्भ से ही मुझे चुन लिया तथा अपने अनुग्रह के द्वारा मुझे बुलाया, यह सही लगा कि वह मुझमें अपने पुत्र को प्रकट करें कि मैं गैर-यहूदियों में उनका प्रचार करूं, इसके विषय में मैंने तुरंत न तो किसी व्यक्ति से सलाह ली और न ही मैं येरूशलेम में उनके पास गया, जो मुझसे पहले प्रेरित चुने जा चुके थे, परंतु मैं अराबिया क्षेत्र में चला गया और वहां से दोबारा दमिश्क नगर लौट गया. तीन वर्ष बाद, मैं कैफ़स से भेंट करने येरूशलेम गया और उनके साथ पन्द्रह दिन रहा. किंतु प्रभु के भाई याकोब के अलावा अन्य किसी प्रेरित से मेरी भेंट नहीं हुई. परमेश्वर के सामने मैं तुम्हें धीरज देता हूं कि अपने इस विवरण में मैं कुछ भी झूठ नहीं कह रहा. तब मैं सीरिया और किलिकिया प्रदेश के क्षेत्रों में गया. यहूदिया प्रदेश की कलीसियाओं से, जो अब मसीह में हैं, मैं अब तक व्यक्तिगत रूप से अपरिचित था. मेरे विषय में उन्होंने केवल यही सुना था: “एक समय जो हमारा सतानेवाला था, अब वही उस विश्वास का प्रचार कर रहा है, जिसे नष्ट करने के लिए वह दृढ़ संकल्प था.” उनके लिए मैं परमेश्वर की महिमा का विषय हो गया.