2 इतिहास 35:20-27 - Compare All Versions
2 इतिहास 35:20-27 HERV (पवित्र बाइबल)
योशिय्याह जब मन्दिर के लिये उन अच्छे कामों को कर चुका, उस समय राजा नको परात नदी पर स्थित कर्कमीश नगर के विरुद्ध युद्ध करने के लिये सेना लेकर आया। नको मिस्र का राजा था। राजा योशिय्याह नको के विरुद्ध लड़ने बाहर निकला। किन्तु नको ने योशिय्याह के पास दूत भेजे। उन्होंने कहा, “राजा योशिय्याह, यह युद्ध तुम्हारे लिये समस्या नहीं है। मैं तुम्हारे विरुद्ध लड़ने नहीं आया हूँ। मैं अपने शत्रुओं से लड़ने आया हूँ। परमेश्वर ने मुझे शीघ्रता करने को कहा है। परमेश्वर मेरी ओर है अत: मुझे परेशान न करो। यदि तुम हमारे विरुद्ध लड़ोगे, परमेश्वर तुम्हें नष्ट कर देगा!” किन्तु योशिय्याह हटा नहीं। उसने नको से युद्ध करने का निश्चय किया, इसलिये उसने अपना भेष बदला औऱ युद्ध करने गया। योशिय्याह ने उसे सुनने से इन्कार कर दिया जो नको ने परमेश्वर के आदेश के बारे में कहा। योशिय्याह मगिद्दो के मैदान में युद्ध करने गया। जिस समय योशिय्याह युद्ध में था, वह बाणों से बेध दिया गया। उसने अपने सेवकों से कहा, “मुझे निकाल ले चलो। मैं बुरी तरह घायल हूँ!” अत: सेवकों ने योशिय्याह को रथ से बाहर निकाला, औऱ उसे दूसरे रथ में बैठाया जिसे वह अपने साथ युद्ध में लाया था। तब वे योशिय्याह को यरूशलेम ले गए। राजा योशिय्याह यरूशलेम में मरा। योशिय्याह को वहाँ दफनाया गया जहाँ उसके पूर्वज दफनाये गए थे। यहूदा और यरूशलेम के सभी लोग योशिय्याह के मरने पर बहुत दु:खी थे। यिर्मयाह ने योशिय्याह के लिये कुछ बहुत अधिक करुण गीत लिखे। आज भी सभी स्त्री—पुरुष गायक उन “करुण गीतों” को गाते हैं। यह ऐसा हुआ जिसे इस्राएल के लोग सदा करते रहे अर्थात योशिय्याह के करुण गीत गाते रहे। वे गीत करुण गीतों के संग्रह में लिखे हैं। अन्य जो कुछ योशिय्याह ने अपने राज्यकाल में, शासन के आरम्भ से अन्त तक किया, वह यहूदा और इस्राएल के राजाओं के इतिहास नामक पुस्तक में लिखा गया है। वह पुस्तक यहोवा के प्रति उसकी भक्ति और उसने यहोवा के नियमों का पालन कैसे किया, बताती है।
2 इतिहास 35:20-27 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
जब राजा योशियाह भवन की मरम्मत तथा आराधना की तैयारी कर चुका, तब मिस्र देश के राजा नको ने फरात नदी के पास कर्कमीश नगर पर चढ़ाई कर दी। योशियाह राजा नको का सामना करने के लिए गया। राजा नको ने राजा योशियाह के पास अपना दूत भेजा, और उससे कहा, ‘ओ यहूदा प्रदेश के महाराज, हमें एक-दूसरे से क्या लेना-देना? मैं आज आप पर आक्रमण करने नहीं आ रहा हूं। मैं तो उस कुल के साथ युद्ध करने आया हूं जिस के साथ मेरी शत्रुता है। परमेश्वर ने मुझे शीघ्रता करने का आदेश दिया है। परमेश्वर मेरे साथ है। आप परमेश्वर का विरोध मत कीजिए; अन्यथा वह आपको नष्ट कर देगा।’ फिर भी राजा योशियाह उससे विमुख नहीं हुआ। उसने युद्ध करने के लिए भेष बदला। परमेश्वर ने नको के द्वारा उसे चेतावनी दी थी; किन्तु उसने नको की बात नहीं मानी। वह मगिद्दो के मैदान में उससे युद्ध करने को गया। धनुर्धारियों ने राजा योशियाह की ओर तीर छोड़े और वह घायल हो गया। उसने अपने सेवकों से कहा, ‘मैं बुरी तरह घायल हो गया। मुझे यहां से ले चलो।’ अत: उसके सेवकों ने उसे रथ से उतारा, और दूसरे रथ पर चढ़ा कर ले गए। वे उसको यरूशलेम नगर में लाए। वहां उसका देहान्त हो गया। वह अपने पूर्वजों के कब्रिस्तान में गाड़ा गया। समस्त यहूदा प्रदेश तथा यरूशलेम के निवासियों ने उसके लिए शोक मनाया। नबी यिर्मयाह ने भी राजा योशियाह की स्मृति में एक शोक गीत रचा था। आज भी लोक गायक और गायिकाएं अपने शोकगीतों में योशियाह का उल्लेख करते हैं। योशियाह के सम्बन्ध में शोकगीत गाना वास्तव में एक प्रथा बन गया है। ये शोकगीत “विलाप गीत” की पुस्तक में लिखे हुए हैं। योशियाह के शेष कार्यों का विवरण, और प्रभु की व्यवस्था के अनुसार किए गए उसके सत्कार्यों का विवरण, आरम्भ से अन्त तक उसके सब कार्यों का विवरण, ‘इस्राएल तथा यहूदा प्रदेशों के राजाओं का इतिहास-ग्रंथ’ में लिखा हुआ है।
2 इतिहास 35:20-27 HHBD (Hindi Holy Bible)
इसके बाद जब योशिय्याह भवन को तैयार कर चुका, तब मिस्र के राजा नको ने परात के पास के कुर्कमीश नगर से लड़ने को चढ़ाई की और योशिय्याह उसका साम्हना करने को गया। परन्तु उसने उस के पास दूतों से कहला भेजा, कि हे यहूदा के राजा मेरा तुझ से क्या काम! आज मैं तुझ पर नहीं उसी कुल पर चढ़ाई कर रहा हूँ, जिसके साथ मैं युद्ध करता हूँ; फिर परमेश्वर ने मुझ से फुतीं करने को कहा है। इसलिये परमेश्वर जो मेरे संग है, उस से अलग रह, कहीं ऐसा न हो कि वह तुझे नाश करे। परन्तु योशिय्याह ने उस से मुंह न मोड़ा, वरन उस से लड़ने के लिये भेष बदला, और नको के उन वचनों को न माना जो उसने परमेश्वर की ओर से कहे थे, और मगिद्दो की तराई में उस से युद्ध करने को गया। तब धनुर्धारियों ने राजा योशिय्याह की ओर तीर छोड़े; और राजा ने अपने सेवकों से कहा, मैं तो बहुत घायल हुआ, इसलिये मुझे यहां से ले जाओ। तब उसके सेवकों ने उसको रथ पर से उतार कर उसके दूसरे रथ पर चढ़ाया, और यरूशलेम ले गये। और वह मर गया और उसके पुरखाओं के कब्रिस्तान में उसको मिट्टी दी गई। और यहूदियों और यरूशलेमियों ने योशिय्याह के लिए विलाप किया। और यिर्मयाह ने योशिय्याह के लिये विलाप का गीत बनाया और सब गाने वाले और गाने वालियां अपने विलाप के गीतों में योशिय्याह की चर्चा आज तक करती हैं। और इनका गाना इस्राएल में एक विधि के तुल्य ठहराया गया और ये बातें विलापगीतों में लिखी हुई हैं। योशिय्याह के और काम और भक्ति के जो काम उसने उसी के अनुसार किए जो यहोवा की व्यवस्था में लिखा हुआ है। और आदि से अन्त तक उसके सब काम इस्राएल और यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखे हुए हैं।
2 इतिहास 35:20-27 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
इसके बाद जब योशिय्याह भवन को तैयार कर चुका, तब मिस्र के राजा नको ने परात के पास के कर्कमीश नगर से लड़ने को चढ़ाई की, और योशिय्याह उसका सामना करने को गया। परन्तु उसने उसके पास दूतों से कहला भेजा, “हे यहूदा के राजा मेरा तुझ से क्या काम! आज मैं तुझ पर नहीं उसी कुल पर चढ़ाई कर रहा हूँ, जिसके साथ मैं युद्ध करता हूँ; फिर परमेश्वर ने मुझ से फुर्ती करने को कहा है। इसलिये परमेश्वर जो मेरे संग है, उससे अलग रह, कहीं ऐसा न हो कि वह तुझे नष्ट करे।” परन्तु योशिय्याह ने उससे मुँह न मोड़ा, वरन् उससे लड़ने के लिये भेष बदला, और नको के उन वचनों को न माना जो उसने परमेश्वर की ओर से कहे थे, और मगिद्दो की तराई में उससे युद्ध करने को गया। तब धनुर्धारियों ने राजा योशिय्याह की ओर तीर छोड़े; और राजा ने अपने सेवकों से कहा, “मैं बहुत घायल हो गया हूँ, इसलिये मुझे यहाँ से ले चलो।” तब उसके सेवकों ने उसको रथ पर से उतार कर उसके दूसरे रथ पर चढ़ाया, और यरूशलेम ले गये। वहाँ वह मर गया और उसके पुरखाओं के कब्रिस्तान में उसको मिट्टी दी गई। यहूदियों और यरूशलेमियों ने योशिय्याह के लिये विलाप किया। यिर्मयाह ने योशिय्याह के लिये विलाप का गीत बनाया और सब गानेवाले और गानेवालियाँ अपने विलाप के गीतों में योशिय्याह की चर्चा आज तक करती हैं। इनका गाना इस्राएल में एक विधि के तुल्य ठहराया गया और ये बातें विलापगीतों में लिखी हुई हैं। योशिय्याह के और काम और भक्ति के जो काम उसने उसी के अनुसार किए जो यहोवा की व्यवस्था में लिखा हुआ है। आदि से अन्त तक उसके सब काम इस्राएल और यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखे हुए हैं।
2 इतिहास 35:20-27 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
इसके बाद जब योशिय्याह भवन को तैयार कर चुका, तब मिस्र के राजा नको ने फरात के पास के कर्कमीश नगर से लड़ने को चढ़ाई की, और योशिय्याह उसका सामना करने को गया। परन्तु उसने उसके पास दूतों से कहला भेजा, “हे यहूदा के राजा मेरा तुझ से क्या काम! आज मैं तुझ पर नहीं उसी कुल पर चढ़ाई कर रहा हूँ, जिसके साथ मैं युद्ध करता हूँ; फिर परमेश्वर ने मुझसे फुर्ती करने को कहा है। इसलिए परमेश्वर जो मेरे संग है, उससे अलग रह, कहीं ऐसा न हो कि वह तुझे नाश करे।” परन्तु योशिय्याह ने उससे मुँह न मोड़ा, वरन् उससे लड़ने के लिये भेष बदला, और नको के उन वचनों को न माना जो उसने परमेश्वर की ओर से कहे थे, और मगिद्दो की तराई में उससे युद्ध करने को गया। तब धनुर्धारियों ने राजा योशिय्याह की ओर तीर छोड़े; और राजा ने अपने सेवकों से कहा, “मैं बहुत घायल हो गया हूँ, इसलिए मुझे यहाँ से ले चलो।” तब उसके सेवकों ने उसको रथ पर से उतारकर उसके दूसरे रथ पर चढ़ाया, और यरूशलेम ले गये। वहाँ वह मर गया और उसके पुरखाओं के कब्रिस्तान में उसको मिट्टी दी गई। यहूदियों और यरूशलेमियों ने योशिय्याह के लिए विलाप किया। यिर्मयाह ने योशिय्याह के लिये विलाप का गीत बनाया और सब गानेवाले और गानेवालियाँ अपने विलाप के गीतों में योशिय्याह की चर्चा आज तक करती हैं। इनका गाना इस्राएल में एक विधि के तुल्य ठहराया गया और ये बातें विलापगीतों में लिखी हुई हैं। योशिय्याह के और काम और भक्ति के जो काम उसने उसी के अनुसार किए जो यहोवा की व्यवस्था में लिखा हुआ है। आदि से अन्त तक उसके सब काम इस्राएल और यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखे हुए हैं।
2 इतिहास 35:20-27 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)
फिर, यह सब होने के बाद, जब योशियाह मंदिर में सब कुछ तैयार कर चुके, युद्ध की इच्छा से मिस्र के राजा नेको फरात नदी के तट पर कर्कमीश नामक स्थान तक आ गए. योशियाह भी उनका सामना करने वहां पहुंचे. परंतु नेको ने उनके लिए इस संदेश के साथ दूत भेजे, “यहूदिया के राजा, आपसे मेरी कोई शत्रुता नहीं है. इस समय मैं आपसे युद्ध करने यहां नहीं आया हूं, बल्कि मैं उस परिवार के विरुद्ध आया हूं, जिनसे मेरा विवाद है और परमेश्वर ने ही मुझे पूर्ति का आदेश दिया है. अपने ही हित में आप परमेश्वर के इस काम से अलग रहिए, कहीं ऐसा न हो कि वह आपको नाश करें, क्योंकि परमेश्वर यहां मेरी ओर हैं.” फिर भी योशियाह ने उनकी एक न सुनी. बल्कि उनसे युद्ध करने के उद्देश्य से उन्होंने भेष बदल लिया कि वह उनसे युद्ध कर सकें. वह नेको के द्वारा दिए परमेश्वर के संदेश को ठुकरा कर उनसे युद्ध करने के उद्देश्य से मगिद्दो के मैदान में आ गए. राजा योशियाह मिस्री धनुर्धारियों के बाणों का निशाना हो गए. राजा ने अपने सेवक को आदेश दिया, “मुझे यहां से ले चलिए; मुझे गहरी चोट लगी है.” तब उनके सेवकों ने उन्हें उस रथ से निकालकर उनके ही एक दूसरे रथ में बैठा दिया और उन्हें येरूशलेम ले गए, जहां उनकी मृत्यु हो गई. उन्हें उनके पूर्वजों की कब्र में रखा गया. योशियाह के लिए सारे यहूदिया और येरूशलेम ने विलाप किया. योशियाह के शोक में येरेमियाह ने एक विलापगीत प्रस्तुत किया. आज भी पुरुष और स्त्री गायक अपने शोक गीत में योशियाह का उल्लेख करते हैं. इस्राएल में इसे गाने की रीति हो गई है. इसे विलापगीत की पुस्तक में शामिल किया गया है. योशियाह के बाकी कामों का वर्णन और यहोवाह की व्यवस्था के प्रति उनके पहले के समर्पण द्वारा किए गए सुधारों का वर्णन, शुरू से अंत तक उनके सभी कामों का वर्णन इस्राएल और यहूदिया के राजा नामक पुस्तक में किया गया है.