आउर उधापड़े बादरी ले बड़े लेहरा धुका चो असन गरजन चो शब्द होली, आउर हुनचो ले पुईतराय घर जोन थाने हुनमन बोसुन रवत, गुंजुन गेली।
आउर हुनमन के आईग चो असन जीबमन फाटलो असन दका दीली आउर हुनमन ले सपाय चो उपरे ऐऊन ठेबली।
हुनमन सपाय पवितर आत्मा ले भरून गेला, आउर जसन परकार आत्मा हुनमन के बोलतोर सामरत दीली, हुनमन दुसर-दुसर भाषा बोलुक मुरयाला।