एस्‍तर 3:1-6 - Compare All Versions

एस्‍तर 3:1-6 HERV (पवित्र बाइबल)

इन बातों के घटने के बाद महाराजा क्षयर्ष ने हामान का सम्मान किया। हामान अगागी हम्मदाता नाम के व्यक्ति का पुत्र था। महाराजा ने हामान की पदोन्नति कर दी और उसे दूसरे मुखियाओं से अधिक बड़ा, महत्वपूर्ण और आदर का पद दे दिया। राजा के द्वार पर महाराजा के सभी मुखिया हामान के आगे झुक कर उसे आदर देने लगे। वे महाराजा की आज्ञा के अनुसार ही ऐसा किया करते थे। किन्तु मोर्दकै ने हामान के आगे झुकने अथवा उसे आदर देने को मना कर दिया। इस पर राजा के द्वार के अधिकारियों ने मोर्दकै से पूछा, “तुम हामान के आगे झुकने की अब महाराजा की आज्ञा का पालन क्यों नहीं करते?” राजा के वे अधिकारी प्रतिदिन मोर्दकै से ऐसा कहते रहे। किन्तु वह हामान के आगे झुकने के आदेश को मानने से इन्कार करता रहा। सो उन अधिकारियों ने हामान से इसके बारे में बता दिया। वे ये देखना चाहते थे कि हामान मोर्दकै का क्या करता है? मोर्दकै ने उन अधिकारियों को बता दिया था कि वह एक यहूदी था। हामान ने जब यह देखा कि मोर्दकै ने उसके आगे झुकने और उसे आदर देने को मना कर दिया है तो उसे बहुत क्रोध आया। हामान को यह पता तो चल ही चुका था कि मोर्दकै एक यहूदी है। किन्तु वह मोर्दकै की हत्या मात्र से संतुष्ट होने वाला नहीं था। हामान तो यह भी चाहता था कि वह कोई एक ऐसा रास्ता ढूंढ निकाले जिससे क्षयर्ष के समूचे राज्य के उन सभी यहूदियों को मार डाले जो मोर्दकै के लोग हैं।

एस्‍तर 3:1-6 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))

कुछ दिनों के पश्‍चात् सम्राट क्षयर्ष ने अगाग वंश के हामान बेन-हम्‍मदाता की पदोन्नति की; उसे उच्‍च पद दिया, और उसके सहयोगी सामंतों में उसे उच्‍चासन प्रदान किया। अत: राजभवन के द्वारपाल, सम्राट के सब सेवक, हामान के सम्‍मुख सिर झुकाकर और भूमि पर लेटकर उसको साष्‍टांग प्रणाम करते थे; क्‍योंकि सम्राट ने उन्‍हें ऐसा ही आदेश दिया था। किन्‍तु मोरदकय न तो सिर झुकाकर और न भूमि पर लेटकर उसको साष्‍टांग प्रणाम करता था। सम्राट क्षयर्ष के सेवकों ने, जो राजमहल के द्वारपाल थे, मोरदकय से कहा, ‘तुम महाराज के आदेश का उल्‍लंघन क्‍यों करते हो?’ द्वारपाल हर दिन उससे यह कहते थे, किन्‍तु उसने उनकी बात नहीं सुनी। मोरदकय ने उन्‍हें बताया कि वह यहूदी है, और वह किसी को सिर झुकाकर प्रणाम नहीं कर सकता। यह देखने के लिए कि क्‍या मोरदकय की यह बात हामान को स्‍वीकार होगी अथवा नहीं, द्वारपालों ने उसको बता दिया कि मोरदकय यहूदी है। जब हामान ने यह देखा कि मोरदकय न सिर झुकाकर और न भूमि पर लेटकर उसको प्रणाम करता है, तब वह क्रोध से भर गया। पर उसने केवल मोरदकय पर ही हाथ उठाना उचित न समझा। द्वारपालों ने मोरदकय के अन्‍य जाति-भाई-बन्‍धुओं के विषय में भी उसे बताया था, इसलिए वह सम्राट क्षयर्ष के समस्‍त साम्राज्‍य में बसे हुए मोरदकय के जाति-भाई-बन्‍धुओं को−सब यहूदियों को नष्‍ट करना चाहता था।

एस्‍तर 3:1-6 HHBD (Hindi Holy Bible)

इन बातों के बाद राजा क्षयर्ष ने अगामी हम्मदाता के पुत्र हामान को उच्च पद दिया, और उसको महत्व देकर उसके लिये उसके साथी हाकिमों के सिंहासनों से ऊंचा सिंहासन ठहराया। और राजा के सब कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, वे हामान के साम्हने झुककर दण्डवत किया करते थे क्योंकि राजा ने उसके विषय ऐसी ही आज्ञा दी थी; परन्तु मोर्दकै न तो झुकता था और न उसको दण्डवत करता था। तब राजा के कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, उन्होंने मोर्दकै से पूछा, तू राजा की आज्ञा क्यों उलंघन करता है? जब वे उस से प्रतिदिन ऐसा ही कहते रहे, और उसने उनकी एक न मानी, तब उन्होंने यह देखने की इच्छा से कि मोर्दकै की यह बात चलेगी कि नहीं, हामान को बता दिया; उसने तो उन को बता दिया था कि मैं यहूदी हूँ। जब हामान ने देखा, कि मोर्दकै नहीं झुकता, और न मुझ को दण्डवत करता है, तब हामान बहुत ही क्रोधित हुआ। उसने केवल मोर्दकै पर हाथ चलाना अपनी मर्यादा के नीचे जाना। क्योंकि उन्होंने हामान को यह बता दिया था, कि मोर्दकै किस जाति का है, इसलिये हामान ने क्षयर्ष के साम्राज्य में रहने वाले सारे यहूदियों को भी मोर्दकै की जाति जानकर, विनाश कर डालने की युक्ति निकाली।

एस्‍तर 3:1-6 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))

इन बातों के बाद राजा क्षयर्ष ने अगागी हम्मदाता के पुत्र हामान को उच्‍च पद दिया, और उसको महत्व देकर उसके लिये उसके साथी हाकिमों के सिंहासनों से ऊँचा सिंहासन ठहराया। राजा के सब कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, वे हामान के सामने झुककर दण्डवत् किया करते थे क्योंकि राजा ने उसके विषय ऐसी ही आज्ञा दी थी; परन्तु मोर्दकै न तो झुकता था और न उसको दण्डवत् करता था। तब राजा के कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, उन्होंने मोर्दकै से पूछा, “तू राजा की आज्ञा का क्यों उल्‍लंघन करता है?” जब वे उससे प्रतिदिन ऐसा ही कहते रहे, और उसने उनकी एक न मानी, तब उन्होंने यह देखने की इच्छा से कि मोर्दकै की यह बात चलेगी कि नहीं, हामान को बता दिया; उसने उनको बता दिया था कि मैं यहूदी हूँ। जब हामान ने देखा कि मोर्दकै नहीं झुकता, और न मुझ को दण्डवत् करता है, तब हामान बहुत ही क्रोधित हुआ। उसने केवल मोर्दकै पर हाथ उठाना अपनी मर्यादा से कम जाना। क्योंकि उन्होंने हामान को यह बता दिया था कि मोर्दकै किस जाति का है, इसलिये हामान ने क्षयर्ष के साम्राज्य में रहनेवाले सारे यहूदियों को भी मोर्दकै की जाति जानकर, नष्‍ट कर डालने की युक्‍ति निकाली।

एस्‍तर 3:1-6 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)

इन बातों के बाद राजा क्षयर्ष ने अगागी हम्मदाता के पुत्र हामान को उच्च पद दिया, और उसको महत्त्व देकर उसके लिये उसके साथी हाकिमों के सिंहासनों से ऊँचा सिंहासन ठहराया। राजा के सब कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, वे हामान के सामने झुककर दण्डवत् किया करते थे क्योंकि राजा ने उसके विषय ऐसी ही आज्ञा दी थी; परन्तु मोर्दकै न तो झुकता था और न उसको दण्डवत् करता था। तब राजा के कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, उन्होंने मोर्दकै से पूछा, “तू राजा की आज्ञा का क्यों उल्लंघन करता है?” जब वे उससे प्रतिदिन ऐसा ही कहते रहे, और उसने उनकी एक न मानी, तब उन्होंने यह देखने की इच्छा से कि मोर्दकै की यह बात चलेगी कि नहीं, हामान को बता दिया; उसने उनको बता दिया था कि मैं यहूदी हूँ। जब हामान ने देखा, कि मोर्दकै नहीं झुकता, और न मुझ को दण्डवत् करता है, तब हामान बहुत ही क्रोधित हुआ। उसने केवल मोर्दकै पर हाथ उठाना अपनी मर्यादा से कम जाना। क्योंकि उन्होंने हामान को यह बता दिया था, कि मोर्दकै किस जाति का है, इसलिए हामान ने क्षयर्ष के साम्राज्य में रहनेवाले सारे यहूदियों को भी मोर्दकै की जाति जानकर, विनाश कर डालने की युक्ति निकाली।

एस्‍तर 3:1-6 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)

इन घटनाओं के बाद राजा अहषवेरोष ने अगागी हम्मेदाथा के पुत्र हामान की पदोन्नति की. राजा ने उन्हें जो लोग राजा के साथ शासक थे उन सभी के ऊपर अधिकार देकर सम्मानित किया. राजमहल परिसर के द्वार पर सभी अधिकारी-सेवक झुककर हामान को दंडवत किया करते थे क्योंकि राजा के ही ओर से उनके संबंध में यह आदेश प्रसारित किया जा चुका था. परंतु मोरदकय न तो झुकते थे और न उनको दण्डवत् करते थे. एक अवसर पर प्रवेश द्वार पर नियुक्त राजा के अधिकारियों ने मोरदकय से प्रश्न किया, “आप राजा की आज्ञा का पालन क्यों नहीं करते?” जब वे मोरदकय को प्रतिदिन इसका स्मरण दिलाते रहे और फिर भी उन्होंने उनकी चेतावनी की ओर ध्यान नहीं दिया, तब उन्होंने इस विषय का उल्लेख हामान से किया, कि वे यह मालूम कर सकें कि मोरदकय का विचार स्वीकार्य होगा अथवा नहीं, क्योंकि मोरदकय उन पर यह प्रकट कर चुके थे कि वह एक यहूदी हैं. जब हामान ने यह देखा कि मोरदकय न तो उनके सामने झुकते हैं और न ही उनका आदर करते हैं, तब हामान क्रुद्ध हो गए. क्योंकि उन्होंने उन्हें यह भी सूचित किया था, कि मोरदकाय किस समुदाय से थे. इस कारण हामान यह युक्ति करने लगे कि किस रीति से समस्त यहूदियों को नष्ट किया जा सके, जो मोरदकय के सजातीय थे, जो अहषवेरोष के साम्राज्य में फैल गए थे.