1 कुरिन्थियों 2:12-14 - सभी संस्करणों की तुलना करें

1 कुरिन्थियों 2:12-14 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))

हमें संसार का आत्‍मा नहीं, बल्‍कि वह आत्‍मा मिला है जो परमेश्‍वर से है, जिससे हम परमेश्‍वर से प्राप्‍त वरदान पहचान सकें। हम इन वरदानों की व्‍याख्‍या करते समय मानवीय बुद्धि से प्रेरित शब्‍दों का नहीं, बल्‍कि आत्‍मा द्वारा प्रदत्त शब्‍दों का प्रयोग करते हैं। इस प्रकार हम आध्‍यात्‍मिक शब्‍दावली में आध्‍यात्‍मिक तथ्‍यों की विवेचना करते हैं। प्राकृत मनुष्‍य परमेश्‍वर के आत्‍मा की शिक्षा स्‍वीकार नहीं करता। वह उसे मूर्खता मानता और उसे समझने में असमर्थ है, क्‍योंकि आत्‍मा की सहायता से ही उस शिक्षा की परख हो सकती है।

1 कुरिन्थियों 2:12-14 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))

परन्तु हम ने संसार की आत्मा नहीं, परन्तु वह आत्मा पाया है जो परमेश्‍वर की ओर से है कि हम उन बातों को जानें जो परमेश्‍वर ने हमें दी हैं। जिनको हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिलाकर सुनाते हैं। परन्तु शारीरिक मनुष्य परमेश्‍वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उसकी दृष्‍टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उनकी जाँच आत्मिक रीति से होती है।

1 कुरिन्थियों 2:12-14 HHBD (Hindi Holy Bible)

परन्तु हम ने संसार की आत्मा नहीं, परन्तु वह आत्मा पाया है, जो परमेश्वर की ओर से है, कि हम उन बातों को जानें, जो परमेश्वर ने हमें दी हैं। जिन को हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिला कर सुनाते हैं। परन्तु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है।

1 कुरिन्थियों 2:12-14 HERV (पवित्र बाइबल)

किन्तु हमने तो सांसारिक आत्मा नहीं बल्कि वह आत्मा पायी है जो परमेश्वर से मिलती है ताकि हम उन बातों को जान सकें जिन्हें परमेश्वर ने हमें मुक्त रूप से दिया है। उन ही बातों को हम मानवबुद्धि द्वारा विचारे गये शब्दों में नहीं बोलते बल्कि आत्मा द्वारा विचारे गये शब्दों से आत्मा की वस्तुओं की व्याख्या करते हुए बोलते हैं। एक प्राकृतिक व्यक्ति परमेश्वर की आत्मा द्वारा प्रकाशित सत्य को ग्रहण नहीं करता क्योंकि उसके लिए वे बातें निरी मूर्खता होती हैं, वह उन्हें समझ नहीं पाता क्योंकि वे आत्मा के आधार पर ही परखी जा सकती हैं।

1 कुरिन्थियों 2:12-14 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)

परन्तु हमने संसार की आत्मा नहीं, परन्तु वह आत्मा पाया है, जो परमेश्वर की ओर से है, कि हम उन बातों को जानें, जो परमेश्वर ने हमें दी हैं। जिनको हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु पवित्र आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मा, आत्मिक ज्ञान से आत्मिक बातों की व्याख्या करती है। परन्तु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उसकी दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उनकी जाँच आत्मिक रीति से होती है।

1 कुरिन्थियों 2:12-14 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)

हमें संसार की आत्मा नहीं परंतु वह आत्मा प्राप्‍त हुआ है, जो परमेश्वर की ओर से हैं कि हम वह सब समझ सकें, जो परमेश्वर ने हमें उदारतापूर्वक प्रदान किया है. हम उनके लिए, जो आत्मिक हैं, आत्मिक बातों का वर्णन मनुष्य के ज्ञान के शब्दों के द्वारा नहीं परंतु आत्मिक शब्दों में करते हैं. बिना आत्मा का व्यक्ति परमेश्वर के आत्मा के विषय की बातों को स्वीकार नहीं करते क्योंकि इन्हें वह मूर्खता मानते हैं, ये सब उनकी समझ से परे हैं क्योंकि इनकी विवेचना पवित्र आत्मा द्वारा की जाती है.