रूथ 1:1-16
रूथ 1:1-16 HCV
प्रशासकों के शासनकाल में सारे देश में एक अकाल पड़ा. यहूदिया के बेथलेहेम नगर के एक व्यक्ति अपनी पत्नी तथा पुत्रों के साथ मोआब देश में प्रवास करने के लिए चले गए. इन व्यक्ति का नाम एलिमेलेख, उनकी पत्नी का नाम नावोमी, तथा उनके पुत्रों के नाम मह्लोन तथा किल्योन थे. ये यहूदाह के बेथलेहेम के एफ़राथाह परिवार से थे. वे मोआब को गए और वहां रहने लगे. कुछ समय बाद एलिमेलेख की मृत्यु हो गई. अब नावोमी अपने पुत्रों के साथ अकेली रह गईं. उनके पुत्रों ने मोआब देश की ही युवतियों से विवाह कर लिया. एक का नाम था ओरपाह और दूसरी का रूथ. मोआब देश में उनके लगभग दस वर्ष रहने के बाद, मह्लोन तथा किल्योन की मृत्यु हो गई. अब नावोमी अपने दोनों पुत्रों तथा पति के बिना रह गईं. जब नावोमी ने सुना कि यहोवाह ने अपनी प्रजा को भोजन देकर उनकी सुधि ली है, तब उन्होंने अपनी दोनों बहुओं के साथ मोआब देश से यहूदिया को लौट जाने का विचार किया. तब जहां वह रह रही थीं उस स्थान को छोड़कर अपनी बहुओं के साथ यहूदिया के मार्ग पर चल पड़ीं. मार्ग में नावोमी ने अपनी बहुओं से कहा, “आप दोनों अपने-अपने मायके लौट जाइए. यहोवाह आप दोनों पर वैसे ही दयालु हों, जैसी आप दोनों मृतकों तथा मुझ पर दयालु रही हैं. यहोवाह की कृपादृष्टि में आप दोनों को अपने-अपने होनेवाले पति के घर में सुख-शांति प्राप्त हो.” तब नावोमी ने उन्हें चूमा और वे फफक-फफक कर रोती रहीं. उन्होंने नावोमी को उत्तर दिया, “नहीं, हम आपके साथ, आपके ही लोगों में जा रहेंगी.” किंतु नावोमी ने उनसे कहा, “लौट जाइए मेरी पुत्रियो, आप लोग भला क्यों मेरे साथ जाएंगी? क्या अब भी मेरे गर्भ में पुत्र हैं, जो आप लोगों के पति बन सकें? लौट जाइए मेरी पुत्रियो, अपने घर लौट जाइए, क्योंकि मेरी आयु वह नहीं रही, कि मैं दोबारा विवाह कर सकूं. यदि मैं यह भी कहूं कि मुझे आशा है, यदि मैं आज रात विवाह कर गर्भधारण भी कर लूं, तो क्या आप लोग उनके युवा होने का इंतजार करेंगी? तो क्या आप दोनों तब तक विवाह न करेंगी? नहीं, मेरी पुत्रियो, मेरे हृदय का दुःख बहुत ही गहरा है, क्योंकि स्वयं यहोवाह मेरे विरुद्ध हो गए हैं!” तब वे दोबारा फफक-फफक कर रोने लगीं; फिर ओरपाह ने अपनी सास को चूमा, और उनसे विदा हो गई, किंतु रूथ ने अपनी सास को न छोड़ा. नावोमी ने रूथ से कहा, “सुनिए, आपकी जेठानी तो अपने लोगों तथा अपने देवताओं के पास लौट गई हैं. आप भी अपनी जेठानी के समान लौट जाइए.” किंतु रूथ ने उन्हें उत्तर दिया, “आप मुझे न तो लौट जाने के लिए मजबूर करें और न आपको छोड़ने के लिए, क्योंकि आप जहां भी जाएंगी, मैं आपके ही साथ जाऊंगी और जहां आप रहेंगी, मैं वहीं रहूंगी. आपके लोग मेरे लोग होंगे तथा आपके परमेश्वर मेरे परमेश्वर


